पंचतंत्र की कहानी: बंदर और लकड़ी का खूंटा – bandar aur lakdi ka khuntaनक़ल करने से कभी भी कोई छात्र परीक्षा में पास नहीं हो सकता. इसलिए हमें ईमानदारी से परीक्षा देनी चाहिए.जब बच्चे वर्तनी लिख ही रहे थे की शिक्षक ने देखा की गाँधी जी ने एक शब्द की वर्तनी गलत लिखी है.जहाँ गाँधी जी रहते थे वही उनके पड़ोस